Metro नोएडा से गुरुग्राम मात्र 45 मिनट में, मेट्रो के तीन नए रूट बदल देंगे NCR की तस्वीर
केंद्र सरकार ने दी फेज 5-A को मंजूरी, गुरुग्राम वासियों का सफर होगा हाईटेक और जाम-मुक्त

Metro नई दिल्ली/गुरुग्राम: दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों यात्रियों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा तोहफा पेश किया है। केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली मेट्रो के फेज 5-A को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है, जिसके बाद अब दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद के बीच की दूरियां सिमट जाएंगी। इस परियोजना के तहत तीन नए मेट्रो रूटों पर काम शुरू होगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि एनसीआर की सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा।

गुरुग्राम और नोएडा के बीच ‘कनेक्टिविटी का नया अध्याय’
वर्तमान में नोएडा से गुरुग्राम जाने के लिए यात्रियों को दिल्ली के बीच से होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या फिर सड़क मार्ग से भारी जाम का सामना करना पड़ता है। लेकिन फेज 5-A के तहत प्रस्तावित नए कॉरिडोर के बाद, नोएडा से गुरुग्राम का सफर मात्र 45 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह गुरुग्राम के आईटी हब और नोएडा के बिजनेस सेंटर्स के बीच काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
तीन नए रूट: कहाँ-कहाँ से गुजरेगी मेट्रो?
सरकार द्वारा स्वीकृत इस फेज में तीन मुख्य रूटों पर ध्यान केंद्रित किया गया है:

नोएडा-गुरुग्राम डायरेक्ट लिंक: यह रूट दोनों शहरों को सीधे जोड़ेगा, जिससे इंटरचेंज की परेशानी कम होगी।
नोएडा-फरीदाबाद-आईजीआई एयरपोर्ट: इस रूट के बनने से फरीदाबाद और नोएडा के निवासियों को दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक और तेज रास्ता मिलेगा।
एनसीआर रिंग लाइन: यह लाइन एनसीआर के बाहरी इलाकों को आपस में जोड़कर एक ‘मेट्रो रिंग’ तैयार करेगी।
गुरुग्राम वासियों को क्या होगा फायदा?
गुरुग्राम, जिसे ‘मिलेनियम सिटी’ कहा जाता है, लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक परिवहन की मांग कर रहा था। इस नई मंजूरी से गुरुग्राम वासियों को निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:
एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान: गुरुग्राम के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अब ट्रैफिक जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल: नए मेट्रो रूट के साथ लगते इलाकों जैसे सोहना रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन और नए गुरुग्राम के क्षेत्रों में रियल एस्टेट में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
रोजगार के अवसर: बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा मतलब है कि अब लोग गुरुग्राम में रहते हुए नोएडा या फरीदाबाद में बिना किसी तनाव के नौकरी कर सकेंगे।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीन नए रूटों के चालू होने से हर दिन लाखों लोग निजी वाहनों को छोड़कर मेट्रो का चुनाव करेंगे। इससे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी और ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। बुनियादी ढांचे में यह निवेश आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच आर्थिक गतिविधियों को और तेज करेगा।
कब शुरू होगा काम?
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अगले चरण पर काम शुरू होगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी ताकि निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।
निष्कर्ष: केंद्र सरकार का यह फैसला दिल्ली-एनसीआर को एक ‘ग्लोबल सिटी’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। फेज 5-A के साथ मेट्रो का जाल न केवल शहरों को जोड़ेगा, बल्कि करोड़ों लोगों की जीवनशैली को भी सुगम बनाएगा।












